1. लक्ष्य और दृष्टि: अगले 3-5 वर्षों में प्राप्त होने वाले दीर्घकालिक लक्ष्य (जैसे बाजार स्थिति) और अगले 1-2 वर्षों में साकार होने वाले विशिष्ट परिणाम।
2. मुख्य मील के पत्थर: इसमें उत्पाद पुनरावृत्ति बिंदु, महत्वपूर्ण बाजार घटनाएं, या तकनीकी प्रगति शामिल हैं।
3. समयरेखा: आमतौर पर तिमाही या अर्ध-वार्षिक अवधियों में विभाजित होती है, लेकिन परिवर्तनों के अनुसार अनुकूलन के लिए लचीली रहनी चाहिए।
4. संसाधन आवंटन: मानव संसाधन, बजट, और तकनीकी निर्भरता समर्थन।
5. जोखिम और प्रतिक्रियाएं: उत्पाद द्वारा सामना किए जाने वाले संभावित जोखिम और आकस्मिक योजनाएं।