समयरेखा: प्रौद्योगिकी विकास के चरणों को परिभाषित करें (अल्पकालिक, मध्यमकालिक, दीर्घकालिक)।
प्रौद्योगिकी नोड्स: प्रमुख प्रौद्योगिकी सफलताएँ या मील के पत्थर (जैसे, पेटेंट आवेदन, वाणिज्यीकरण)।
संसाधन आवश्यकताएँ: मानव संसाधन, धन, उपकरण, साझेदार, आदि।
जोखिम मूल्यांकन: संभावित जोखिम जैसे प्रौद्योगिकी की व्यवहार्यता, बाजार स्वीकृति, नीति परिवर्तन, आदि।
निर्भरताएँ: प्रौद्योगिकियों के बीच सहयोगात्मक या प्रतिबंधात्मक संबंध (जैसे, चिप निर्माण लिथोग्राफी प्रौद्योगिकी पर निर्भर करता है)।